हॉस्पिटल डेली कैश क्या है?

उदाहरण के लिए - यदि आप अस्पताल में भर्ती हैं और एक योजना है जो अस्पताल में भर्ती होने के प्रत्येक दिन 1,000 रुपये के अस्पताल दैनिक नकद का भुगतान करती है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अन्य चिकित्सा व्यय पर 1200 रुपये या 800 रुपये खर्च करते हैं या नहीं। बीमाकर्ता करेगा अस्पताल में प्रवेश के प्रत्येक दिन के लिए 1000 रुपये की एक निश्चित लाभ राशि का भुगतान करें।

यहां तक कि अगर बिनेंस लैब्स क्या है? प्रति दिन अस्पताल में भर्ती होने का खर्च हॉस्पिटल कैश से कम है, तो बीमाकर्ता अभी भी किसी भी प्रकार के प्रश्न या प्रतिबंध के बिना निश्चित राशि का भुगतान करेगा।

स्वास्थ्य योजना के अन्तर्गत उपलब्धता

क्या योजना में कोई शर्तें हैं?

हॉस्पिटल डेली कैश एक अलग हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के रूप में भी आता है। ऐसी योजनाओं के तहत यहां कुछ शर्तें दी गई हैं:

बैलेंस 50 एमजी/500 एमजी टैबलेट (Balance 50 mg/500 mg Tablet)

बैलेंस 50 एमजी/500 एमजी टैबलेट (Balance 50 mg/500 mg Tablet) के बारे में जानकारी

बैलेंस 50 एमजी/500 एमजी टैबलेट (Balance 50 mg/500 mg Tablet) एक नॉन-स्टेरायडल सूजन-रोधी दवा है, जिसका उपयोग गाउट, माइग्रेन, रहूमटॉइड अर्थिरिटिस, बुखार और कुछ हद तक मांसपेशियों में ऐंठन और जोड़ों के दर्द के उपचार में दर्द निवारक के रूप में किया जाता है। यह गठिया के कारण होने वाले दर्द, सूजन और जोड़ों की जकड़न को प्रभावी रूप से बिनेंस लैब्स क्या है? दूर करने के लिए जाना जाता है।

बैलेंस 50 एमजी/500 एमजी टैबलेट (Balance 50 mg/500 mg Tablet) एक प्रिस्क्रिप्शन ड्रग है और इसके कुछ गंभीर साइड इफेक्ट्स हैं जैसे पेट दर्द, कब्ज, डायरिया, मतली और उल्टी, इन साइड इफेक्ट्स को आमतौर पर खाने के साथ लेने से बचना चाहिए। शराब का सेवन उचित नहीं है क्योंकि इससे चक्कर आ सकता है और गंभीर मामलों में गैस्ट्रोइंटेस्टिनल रक्तस्राव हो सकता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए बैलेंस 50 एमजी/500 एमजी टैबलेट (Balance 50 mg/500 mg Tablet) की सिफारिश नहीं बिनेंस लैब्स क्या है? की जाती है और स्तनपान के दौरान दूध से गुजरने के लिए जाना जाता है। पेप्टिक अल्सर से पीड़ित मरीजों और कोरोनरी आर्टरी बाईपास से गुजरना इस दवा के लिए अनुशंसित नहीं हैं।

  • अस्थमा
  • खराब किडनी फंक्शन
  • दिल के रोग।

बैलेंस 50 एमजी/500 एमजी टैबलेट (Balance 50 mg/500 mg Tablet) को निर्धारित करने की शक्ति रोगी की उम्र, लिंग और शारीरिक स्थितियों पर निर्भर करती है। यदि आप जल्द ही गर्भवती होने की उम्मीद कर रहे हैं या योजना बना रहे हैं तो यह अनुशंसित नहीं है। गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण के संभावित नुकसान के कारण गर्भावस्था के पहले और अंतिम तिमाही में इसकी सिफारिश नहीं की जाती है।

यहां दी गई जानकारी साल्ट (सामग्री) पर आधारित है. इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स एक से दूसरे व्यक्ति पर भिन्न हो सकते है. दवा का इस्तेमाल करने से पहले Internal Medicine Specialist से परामर्श जरूर लेना चाहिए.

लर्निंग के साथ बिनेंस लैब्स क्या है? अर्निंग भी करेंगे विद्यार्थी, स्वायल टेस्टिंग के हर सैंपल पर मिलेंगे 40 रुपये

Soil Testing lab: ग्राम स्तर पर आप भी बना सकते हैं मिनी स्वायल टेस्टिंग लैब, आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए. केंद्र सरकार देगी आर्थिक मदद.

लर्निंग के साथ अर्निंग भी करेंगे विद्यार्थी, स्वायल टेस्टिंग के हर सैंपल पर मिलेंगे 40 रुपये

हरियाणा सरकार ने कॉलेजों एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों (Students) को स्वायल टेस्टिंग (Soil Testing) के जरिए कमाई करवाने का निर्णय लिया है. विद्यार्थियों को हर सैंपल की टेस्टिंग के लिए 40 रुपए दिए जाएंगे. सरकार ने जमीन की उर्वरता की जांच करने का जिम्मा छात्र-छात्राओं को सौंप दिया है. इससे विद्यार्थी लर्निंग के साथ अर्निंग भी कर सकेंगे.

हरियाणा सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि जिस गांव से सैंपल एकत्र किए जाएंगे, वहां उसी गांव के विद्यार्थियों को यह काम दिया जाएगा. माना जा रहा है कि अपने गांव के सैंपल एकत्र करने और जांच करने के काम को विद्यार्थी न केवल दिलचस्पी के साथ करेंगे बल्कि इससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को भी मिलेगा. वे हर गांव का स्वायल फर्टिलिटी मैप भी तैयार करेंगे.

स्वायल हेल्थ कार्ड में क्या होगा

-स्वायल हेल्थ कार्ड में खेत की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों संबंधी जानकारी होगी. -स्वायल फर्टिलिटी, नाईट्रोजन (Nitrogen), ऑर्गेनिक कार्बन, जिंक और फास्फोरस आदि की मात्रा बताई जाएगी. -आपके खेत में कौन से पोषक तत्वों की कमी है. -पोषक तत्वों की कमी पूरा करके कौन सी फसल की बिजाई से लाभ मिलेगा.

स्वायल टेस्टिंग के लिए केंद्र सरकार की योजना

केंद्र सरकार की एक योजना के मुताबिक युवा किसान गांवों में स्वायल टेस्टिंग लैब (Lab) बनाकर कमाई कर सकते हैं. लैब स्थापित करने में 5 लाख रुपये का खर्च आएगा. जिसका 75 फीसदी यानी 3.75 लाख रुपए (Rupees) सरकार देगी. इसमें से 60 प्रतिशत केंद्र और 40 फीसदी सब्सिडी संबंधित राज्य सरकार से मिलेगी.

इसमें से 2.5 लाख रुपये जांच मशीन, रसायन व प्रयोगशाला चलाने के लिए खर्च होंगे. कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, जीपीएस की खरीद पर एक लाख रुपये लगेंगे. इसके तहत नमूना लेने, परिक्षण करने एवं स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए 300 प्रति नमूना प्रदान किया जाएगा. लैब बनाने के इच्छुक युवा, किसान या अन्य संगठन जिले के कृषि उपनिदेशक, संयुक्त निदेशक या उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं.

केंद्र सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनके गांव में ही खेती के मिट्टी की जांच वाली सुविधा मिले. साथ ही ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी मिले. 18 से 40 वर्ष के लोग ग्राम स्तर पर मिनी स्वायल टेस्टिंग लैब बना सकते हैं. स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक संगठन एवं कृषक सहकारी समितियां भी प्रयोगशाला स्थापित कर सकती हैं.

अनार खाने और जूस पीने के होते हैं कई फायदे, जानकार हैरान रहा जाएँगे आप भी

अनार खाने और जूस पीने के होते हैं कई फायदे, जानकार हैरान रहा जाएँगे आप भी

अनार खाने और जूस पीने के होते हैं कई फायदे, जानकार हैरान रहा जाएँगे आप भी

अनार के फायदे (Pomegranate benefit in Hindi)

यह कहावत तो हम बचपन से ही सुनते आ रहे हैं एक अनार और 100 बीमार । यह कहावत ऐसे ही नहीं बनी है । इसका अर्थ यह निकलता है की अनार इतने औषधीय गुणों से भरपूर है की इसका सेवन हर बीमारी को दूर करने का काम करता है । अनार बहुत ही पोष्टिक फल है । वैसे भी कहा जाता है की हर व्यक्ति को दिन भर में रोजाना कम से कम एक फल का सेवन तो करना ही चाहिए और यदि बात अनार के सेवन की हो तो बिना सोचे कर ही लेना चाहिए ।

अनार खाने के बहुत फायदे होते हैं । अनार में फाइबर, विटामिन के,सी, और बी, आयरन, पोटेशियम, जिंक और ओमेगा-6 फैटी एसिड और भी कई सारे तत्व पाये जाते हैं । जब भी कोई व्यक्ति बीमार होता है तो सबसे पहले उसको अनार का सेवन करने की सलाह दी जाती है । अनार खाना हमारी बीमारियों को ही दूर नहीं करता है बल्कि यह सेहत के लिए रामबाण होता है ।

क्या होते हैं अनार खाने के फायदे ? ( pomegranate benefit in hindi )

अनार खाने के यूं तो बहुत फायदे होते हैं । पर कुछ मुख्य चीज़ें हैं जिनमे अनार का सेवन किया ही जाना चाहिए ।

खून की कमी :- जिन लोगों को खून की कमी , पीलिया अनेमिया जैसी बीमारी होती है उन लोगों को अनार का सेवन करना बहुत आवश्यक है । इसमे आयरन पाया जाता है जो की खून की कमी को दूर करता है ।

दिल की बीमारी :- अनार में फाइबर की मात्रा पाई जाती है , इसके साथ ही यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करने का काम करता है ।इसके आवा यह खून को साफ कर खून के बहाव को भी सुचारु रखने में मदद करता है । इसलिए डॉक्टर्स भी दिल की बीमारी में अनार का सेवन करने की सलाह देते हैं ।

पौरुषत्व :- जिन पुरुषों को शारीरक कमजोरी ,थकान इत्यादि की परेशानी होती है उनको अनार का सेवन बहुत ज्यादा लाभदायी होता है । यह ताकत वर्धक होता है इससे पौरुषत्व बढ़ाने में सहायता मिलती है । रोजाना एक अनार का सेवन पुरुष को जरूर करना चाहिए ।एक रिसर्च के अनुसार यदि रोजाना अनार खाया जाये या उसके जेएस का सेवन किया जाये तो यह स्पर्म काउंट तेज़ी बढ़ाने का काम से करता है ।

गर्भवती महिला के लिए :- गर्भवती महिला के लिए अनार का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है । इससे खून की कमी नहीं होती और साथ ही यह पानी की मात्रा भी शरीर में बनाए रखता है । अनार में पाए जाने वाले मिनरल्स, विटामिन, फ्लोरिक एसिड गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं । पर इस बात का ध्यान रखा जाये की ज्यादा अनार का सेवन गर्भवती महिला ना करें सीमित मात्र में ही सेवन करें । अन्यथा यह गर्भपात का कारण भी बन सकता है ।

सूखा रोग :- सूखा रोग में भी अनार का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। इसमें 20-25 ग्राम अनार की कली के रस में थोड़ा दूध मिला लें। इसे रोज पिलाने से बच्चों के सूखा रोग का उपचार होता है।

केलेस्ट्रोल :- अनार खाने से केलेस्ट्रोल नहीं बढ़ता है । जिससे दिल की बीमारी का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है ।

दिमाग तेज़ करता है :- अनार का सेवन अल्जाइमर की बीमारी को कम करने में बहुत मददगार साबित होता है ।

ब्लैक कॉफी पीने के फायदे और नुकसान

अनार के जूस के भी हैं अनेकों फायदे ? (pomegranate Juice benefit in hindi )

  • कैंसर :- अनार में फ्लेवोनॉइड्स नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है। फ्लेवोनॉइड्स यह कैंसर रोधी होता है। जिनको प्रोस्टैट और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है, उन्हें अनार का जूस जरूर ही पीना चाहिए। जिन्हें कैंसर हो उनके लिए भी अनार का जूस फायदेमंद है। इसे खाने से PSA का स्तर घट जाता है और कैंसर से लड़ने में बहुत मदद मिलती है।
  • खून की कमी को पूरा करता है :- अनार का जूस रोजाना एक ग्लास पीने से खून की कमी दूर हो जाती है ।
  • वजन कम करने में मदद गार :- 1 ग्लास अनार का जूस रोजाना पीने से आपके बढ़ते वजन को नियंत्रित करने और कम करने में बहुत मदद मिलती है । अनार का जूस शरीर में इंसुलिन की मात्रा को प्रभावित किए बगैर इंसान का वजन कम करने में मदद करता है। खाली पेट अनार का जूस पीने से फैटी सेल्स का बनना कम होने लगता है और धीरे-धीरे वजन कम हो जाता है।

अनार के जूस का सेवन आर्थराइट्स की बीमारी में भी आराम पहुंचाता है । इतना ही नहीं यदि आपको मुंह से संबन्धित कोई रोग है जैसे चाले तब भी यहइसके जूस का सेवन बहुत लाभकारी होता है और मुंह के रोगों को दूर करने का कम करता है ।

कब क्या जाना चाहिए अनार का या अनार के जूस का सेवन ? ( when to eat pomegranate in hindi )

:- अनार के जूस का या अनार का सेवन खाली पेट ही किया जाना सबसे अच्छा माना जाता है । बह के वक्त अनार खाना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। अनार में पर्याप्त मात्रा में शुगर और विटामिन पाएं जाते हैं, जो किसी को भी स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। अनार में पौष्टिक तत्व आपके दिन को स्वस्थ शुरुआत देते हैं। वहीं शुगर आपको पर्याप्त ऊर्जा देने का काम करती है, जिससे आप दोपहर के भोजन तक एनर्जी देने का काम करते हैं।

यह इंसटेंट एनर्जी देने का भी काम करता है ।ऐसे में जब आप सुबह सो कर उठते हैं और खुद को थका हुआ महसूस करते हैं तो अनार के जूस का सेवन आपको ताजगी देने का काम करता है । रोजाना अनार के जूस का सेवन आपके दिमाग में एक लिक्विड का स्त्राव करता है जो क आपके मूड को अच्छा बनाने जिसको हम हेपी हारमोन कहते हैं उनको बनाने का काम करता है और आपका दिमाग ज्यादा अच्छे से काम करने के साथ ही आपके मूड को भी अच्छा बनाए रखने का काम करता है ।

Miss. Shruti Dubey

Miss Shruti has over two years of experience in content writing. Having worked as a content writer and content marketing manager in a media house and also in an IT Company, she is an expert in lifestyle and health blogging.

Virtual School of NIOS: जानें क्या है वर्चुअल स्कूल, बच्चों को कैसे मिलेगा इसका लाभ?

Virtual School of NIOS: भारत में वर्चुअल स्कूल अपनी तरह की पहली पहल है। यह छात्रों को वर्चुअल लाइव क्लासरूम और वर्चुअल लैब्स के माध्यम से बिनेंस लैब्स क्या है? एडवांस डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। साथ ही गैर-पारंपरिक दृष्टिकोणों के जरिए छात्रों में सीखने और पढ़ने के पैटर्न पर जोर देगा।

NIOS Virtual School

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत दो दिन पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान के वर्चुअल स्कूल ( Virtual School of NIOS ) का शुभारंभ किया। उसके बाद से देशभर में वर्चुअल स्कूल को लेकर चर्चा चरम पर है। लोग यह जानना चाह रहे हैं कि वर्चुअल स्कूल क्या है, कोरोना महामारी के दौर में यह छात्रों के लिए किस रूप में लाभकारी साबित होगा। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों की वर्चुअल स्कूल्स को लेकर तैयारियां क्या हैं?

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